Wednesday, 13 August 2014

मीठी गोलियां : सिरदर्द एवं माइग्रेन से निजात

 

मीठी गोलियां : सिरदर्द एवं माइग्रेन से निजात

होम्योपैथी में लोगों को स्वस्थ करने की अचूक शक्ति होती है। लोग जब सकल प्रयास के बाद थक हार जाते हैं तब हमारे (होम्योपैथिक चिकित्सक) के पास आते हैं।
सिरदर्द एवं माइग्रेन के लिए केवल दर्द निवारक गोलियों पर निर्भर रहना ठीक नहीं है। इस तरह से अपनी बिमारी से छुटकारा नहीं हासिल कर सकते हैं बल्कि अन्य कई बिमारियों को आमंत्रित कर लेते हैं।
जीवन में कभी न कभी हर किसी को सिरदर्द का अनुभव जरूर होता है परन्तु जब वही सिरदर्द लगातार और बार-बार होने लगता है तथा हमारे दैनिक कार्यों को अवरूद्ध करने लगता है। तब हमें काफी परेशानी होने लगती है और सबसे ज्यादा परेशानी तो तब होती है जब सकल प्रयास (सभी प्रकार की दवाईयों) के बाद भी यह सिरदर्द ठीक नहीं होता है और माइग्रेन कहलाने लगता है। माइग्रेन के तीन स्टेज होते हैं- माईल्ड, माडेरेट एवं सीवियर।
माईल्ड तरह के माइग्रेन में कभी-कभी फटने जैसा सिरदर्द होता है और हमारी दैनिक कार्यों में ज्यादा प्रतिकूल असर नहीं पड़ता है।
माडेरेट तरह के माइग्रेन में तेज सिरदर्द के साथ-साथ उल्टी जैसा या मिचली हो सकती है और हमारी दैनिक कार्यों को प्रभावित कर सकता है।
सीवियर माइग्रेन के मरीजों को माह में तीन से पांच बार तक तेज सिरदर्द के साथ उल्टी एवं चक्कर आ सकते हैं तथा दर्द २४ से ७२ घंटे तक रह सकता है और दैनिक कार्य पूर्ण रूप से अवरूद्ध हो सकता है।
माइग्रेन सामान्तया अनुवांशिक होता है। इसके अलावा कुछ न्युरोलॉजिकल वजह तथा ब्रेन ट्यूमर के कारण भी हो सकता है। माइग्रेन के कारण, लक्षणों तथा स्टेज के आधार पर यदि हम होम्योपैथिक दवाइयों का चयन करते हैं तो मरीजों को शीघ्र ही आशानुरूप परिणाम मिलने लगते हैं और धीरे-धीरे बिमारी से निजात मिल जाती है।

जरूरी नहीं लंबा हो इलाज

आमतौर पर लोगों को लगता है कि होम्योपैथी इलाज काफी लंबा होता है। जबकि वास्तविकता यह है कि इन दवाइयों का असर कई कारणों पर निर्भर करता है। रोग यदि पुराना है तो मरीज को ठीक होने में समय लगता है वहीं हाल ही में उत्पन्न हुआ रोग कम अवधि के भीतर ठीक हो जाता है।
साइड इफेक्ट्स न होने की वजह से होम्योपैथिक दवाइयों को लोग प्राथमिकता देते ही हैं, साथ ही ये बच्चों में भी बेहद लोकप्रिय है। वजह यह कि छोटी-छोटी मीठी गोलियों को लेने में बच्चों को कोई तकलीफ भी नहीं होती और दिन में दो बार लेनी हो या तीन बार, मीठे स्वाद की वजह से बच्चे खुद याद रखकर दवाइयों का सेवन कर लेते हैं।

2 comments:

  1. HOMEOPATHY IS NOT SIMPLE PAIN KILLER IF MIGRAINE & HEADACHE CAN BE TREATED WITH HOMEOPATHIC MEDICINES THERE WILL BE NO SIDE EFFECTS AND PERMANENT CURE WILL TAKES PLACE
    PL VISIT ADVANCED HOMOEO HEALTH CENTER INDORE MP INDIA

    ReplyDelete
  2. from Sehat Evam Surat Hindi monthly medical magazine

    ReplyDelete